Shri Chamunda Chalisa in Hindi Lyrics PDF- श्री चामुण्डा देवी चालीसा

श्री चामुण्डा देवी चालीसा ॥ दोहा ॥ नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड ।दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ॥ मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत ।मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत ॥ ॥ चौपाई ॥ नमस्कार चामुंडा माता । तीनो लोक मई मई विख्याता ॥हिमाल्या मई पवितरा … Read more