Brihaspati Stotram” देवताओं के गुरु बृहस्पति जी को समर्पित पवित्र स्तोत्र है। इसे पढ़ने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और साधक को विद्या, बुद्धि और वाणी की शुद्धि का आशीर्वाद मिलता है। यह स्तोत्र जीवन में अच्छे मार्गदर्शन, सम्मान और आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ाने के लिए पढ़ा जाता है।
गुरु ग्रह कमजोर होने पर शिक्षा, करियर और दांपत्य जीवन में रुकावटें आती हैं। इस स्तोत्र को श्रद्धा से पढ़ने से गुरु बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सौभाग्य, यश और ज्ञान में वृद्धि होती है। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह स्तोत्र बहुत उपयोगी माना गया है। इस स्तोत्र को गुरुवार के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पढ़ना सबसे अच्छा माना जाता है। बृहस्पति ग्रह की शांति या वृद्धि के लिए इसे ब्रह्ममुहूर्त में भी पढ़ सकते हैं। अगर गुरु ग्रह की दशा में बाधा हो तो इसका रोज़ पाठ करना विशेष लाभ देता है।
Brihaspati Stotram
बृहस्पतिस्तोत्रम्
श्री गणेशाय नमः ।
अस्य श्रीबृहस्पतिस्तोत्रस्य गृत्समद ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः,
बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पतिप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ॥
गुरुर्बृहस्पतिर्जीवः सुराचार्यो विदांवरः ।
वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीताम्बरो युवा ॥ १॥
सुधादृष्टिर्ग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः ।
दयाकरः सौम्यमूर्तिः सुरार्च्यः कुड्मलद्युतिः ॥ २॥
लोकपूज्यो लोकगुरुर्नीतिज्ञो नीतिकारकः ।
तारापतिश्चाङ्गिरसो वेदवेद्यः पितामहः ॥ ३॥
भक्त्या बृहस्पतिं स्मृत्वा नामान्येतानि यः पठेत् ।
अरोगी बलवान् श्रीमान् पुत्रवान् स भवेन्नरः ॥ ४॥
जीवेद्वर्षशतं मर्त्यः पापं नश्यति नश्यति ।
यः पूजयेद्गुरुदिने पीतगन्धाक्षताम्बरैः ॥ ५॥
पुष्पदीपोपहारैश्च पूजयित्वा बृहस्पतिम् ।
ब्राह्मणान् भोजयित्वा च पीडाशान्तिर्भवेद्गुरोः ॥ ६॥
॥ इति श्रीस्कन्दपुराणे बृहस्पतिस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या Brihaspati Stotram रोज़ पढ़ सकते हैं?
हाँ, इसे रोज़ पढ़ा जा सकता है, लेकिन गुरुवार को इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। नियमित पाठ से गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में शुभ फल मिलने लगते हैं।
क्या इसे मंदिर में ही पढ़ना चाहिए?
इसे आप घर के पूजा स्थान पर या बृहस्पति मंदिर में पढ़ सकते हैं। जहाँ मन को शांति और श्रद्धा महसूस हो, वहाँ इसका पाठ करें।
क्या बच्चे भी यह स्तोत्र पढ़ सकते हैं?
हाँ, माता-पिता अपने बच्चों को इसका सरल अर्थ समझाकर इसका पाठ कराएँ या सुनाएँ। इससे बच्चों की एकाग्रता और समझ बढ़ती है।
Brihaspati Stotram से क्या लाभ होता है?
गुरु ग्रह के दोष दूर होते हैं, शिक्षा और करियर में आ रही अड़चनें कम होती हैं और जीवन में यश-सम्मान बढ़ता है। साथ ही परिवार में सामंजस्य बना रहता है।
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