Category: Chalisa

  • Shri Padmavati Mata Chalisa

    Shri Padmavati Mata Chalisa in Hindi Lyrics PDF

    Padmavati Mata Chalisa दोहा श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धर ध्यान।कहत चालीसा मात पद्मावती, पावें मनोरथ दान। चालीसा जय-जय पद्मावती माई, सबके संकट हरनें आई।शरण तिहारी जो भी आए, संकट से वह मुक्त हो जाए। अष्टभुजा धरती पर आयो, भक्तन का दुख-सुख समहरियो।रतन सिंह पर कृपा करी, चित्तौड़ रक्षा कर ली। सिंहवाहिनी, रूप…

  • Mata Vaishno Devi Chalisa

    Mata Vaishno Devi Chalisa

    ​ Mata Vaishno Devi Chalisa ॥ दोहा॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवीत्रिकुटा पर्वत धामकाली, लक्ष्मी, सरस्वती,शक्ति तुम्हें प्रणाम। ॥ चौपाई ॥ नमो: नमो: वैष्णो वरदानी,कलि काल मे शुभ कल्याणी। मणि पर्वत पर ज्योति तुम्हारी,पिंडी रूप में हो अवतारी॥ देवी देवता अंश दियो है,रत्नाकर घर जन्म लियो है। करी तपस्या राम को पाऊं,त्रेता की शक्ति कहलाऊं॥ कहा राम…

  • Shri Padam Prabhu Chalisa

    Shri Padam Prabhu Chalisa

    Padam Prabhu Chalisa शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करू प्रणाम ।उपाध्याय आचार्य का, ले गुणकारी नाम ।। सर्व साधू और सरस्वती, जिनमन्दिर सुखकार ।पदमपुरी के पद्म को, मन मंदिर में धार।। जय श्री पद्मप्रभु गुणकारी, भाविजनो को तुम हो हितकारी ।देवों के तुम देव कहप, छट्टे तीर्थंकर कहलाओ ।। तिन काल तिहूँ जग की जानो,…

  • Panchmukhi Hanuman Kavach

    ​ Panchmukhi Hanuman Kavach श्रीगणेशाय नमःॐ श्री पञ्चवदनायाञ्जनेयाय नमःश्री पञ्चमुखहनुमान कवच अस्य श्री पञ्चमुखहनुमन्मन्त्रस्यब्रह्मा ऋषिः।गायत्रीछन्दः।पञ्चमुखविराट् हनुमान्देवता।ह्रीं बीजं।श्रीं शक्तिः।क्रौं कीलकं।क्रूं कवचं।क्रैं अस्त्राय फट्।इति दिग्बन्धः। श्री गरुड़ उवाचअथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि श्रृणु सर्वाङ्गसुन्दरी।यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमतः प्रियम् ॥ १॥ पञ्चवक्त्रं महाभीमं त्रिपञ्चनयनैर्युतम्।बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थसिद्धिदम् ॥ २॥ पूर्वं तु वानरं वक्त्रं कोटिसूर्यसमप्रभम्।दंष्ट्राकरालवदनं भृकुटीकुटिलेक्षणम् ॥ ३॥ अस्यैव दक्षिणं वक्त्रं नारसिंहं महाद्भुतम्।अत्युग्रतेजोवपुषं…

  • Shri Surya Chalisa

    Shri Surya Chalisa Lyrics

    श्री सूर्य देव चालीसा ॥ ॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई ॥ जय सविता जय जयति दिवाकर,सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु पतंग मरीची भास्कर,सविता हंस सुनूर विभाकर॥ विवस्वान आदित्य विकर्तन,मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥ अम्बरमणि खग रवि कहलाते,वेद हिरण्यगर्भ कह गाते॥ 4 सहस्त्रांशु प्रद्योतन, कहिकहि,मुनिगन होत…

  • Shri Shantinath Chalisa

    Shri Shantinath Chalisa

    ​Shri Shantinath Chalisa शांतिनाथ महाराज का, चालीसा सुखकार । मोक्ष प्राप्ति के ही लिए, कहूँ सुनो चितधार ।। चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार। बढे जगत सम्पन्न, सुमत अनुपम शुद्द विचार ।। शांतिनाथ तुम शांतिनायक, पंचम चक्री जग सुखदायक ।तुम्ही हो सौलवे तीर्थंकर, पूजे देव भूप सुर गणधर।। पंचाचार गुणों के धारी, कर्म रहित…

  • Shri Banke Bihari Chalisa

    Shri Banke Bihari Chalisa

    श्री बाँकेबिहारी चालीसा दोहाबांकी चितवन कटि लचक, बांके चरन रसाल ।स्वामी श्री हरिदास के बांके बिहारी लाल ।। ।। चौपाई ।। जै जै जै श्री बाँकेबिहारी ।हम आये हैं शरण तिहारी ।।स्वामी श्री हरिदास के प्यारे ।भक्तजनन के नित रखवारे ।। श्याम स्वरूप मधुर मुसिकाते ।बड़े-बड़े नैन नेह बरसाते ।।पटका पाग पीताम्बर शोभा ।सिर सिरपेच…

  • Dashrath Krit Shani Chalisa

    Dashrath Krit Shani Chalisa

    ​ Dashrath Krit Shani Chalisa दशरथ उवाच: प्रसन्नो यदि मे सौरे ! एकश्चास्तु वरः परः ॥रोहिणीं भेदयित्वा तु न गन्तव्यं कदाचन् ।सरितः सागरा यावद्यावच्चन्द्रार्कमेदिनी ॥ याचितं तु महासौरे ! नऽन्यमिच्छाम्यहं ।एवमस्तुशनिप्रोक्तं वरलब्ध्वा तु शाश्वतम् ॥ प्राप्यैवं तु वरं राजा कृतकृत्योऽभवत्तदा ।पुनरेवाऽब्रवीत्तुष्टो वरं वरम् सुव्रत ॥ दशरथकृत शनि स्तोत्र: नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च ।नम:…

  • Lord Shiva

    Shri Guru Chalisa Lyrics Hindi

    ​ Guru Chalisa ॥ दोहा ॥ ॐ नमो गुरुदेवजी, सबके सरजन हार।व्यापक अंतर बाहर में, पार ब्रह्म करतार॥ देवन के भी देव हो, सिमरुं मैं बारम्बार।आपकी किरपा बिना, होवे न भव से पार॥ ऋषि-मुनि सब संत जन, जपें तुम्हारा जाप।आत्मज्ञान घट पाय के, निर्भय हो गये आप॥ गुरु चालीसा जो पढ़े, उर गुरु ध्यान लगाय।जन्म-मरण…

  • Mahamrityunjay Chalisa

    Mahamrityunjay Chalisa Lyrics

    ||श्री मृत्युंजय चालीसा || ।।दोहा।। मृत्युंजय चालीसा यह जो है गुणों की खान।अल्प मृत्यु ग्रह दोष सब तन के कष्ट महान।छल व कपट छोड़ कर जो करे नित्य ध्यान।सहजानंद है कह रहे मिटे सभी अज्ञान। ।।चौपाई।। जय मृत्युंजय जग पालन कर्ता।अकाल मृत्यु दुख सबके हर्ता।अष्ट भुजा तन प्यारी ।देख छवि जग मति बिसारी। चार भुजा…