कालरात्रि स्तोत्रम् (Kaalratri Stotram) एक स्तुति है जो देवी दुर्गा के सप्तम रूप — माँ कालरात्रि — को समर्पित है। यह स्तोत्र उनकी महाशक्ति, भय नाशिनी और दुष्ट विनाशक रूप की स्तुति करता है। कालरात्रि देवी को नवदुर्गा के सातवें दिन पूजित किया जाता है।
कालरात्रि स्तोत्रम्
हीं कालरात्रि श्रींकराली चक्लींकल्याणी कलावती।
कालमाताकलिदर्पध्नीकमदींशकृपन्विता॥
कामबीजजपान्दाकमबीजस्वरूपिणी।
कुमतिघन्कुलीनार्तिनशिनीकुल कामिनी॥
क्लींहीं श्रींमंत्रवर्णेनकालकण्टकघातिनी।
कृपामयीकृपाधाराकृपापाराकृपागमा॥



