Category: stuti
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Ganapati Stavaha
गणपति स्तवः (Ganapati Stavaha) एक स्तुति है जिसमें भगवान गणेश की महिमा का गुणगान किया गया है। यह स्तोत्र श्रद्धा, भक्ति और विनय भाव से गणपति को समर्पित किया जाता है ताकि वे भक्त के जीवन में विघ्नों को दूर करें और ज्ञान, बुद्धि, सफलता प्रदान करें। श्रीगणपतिस्तवः श्री गणेशाय नमः ॥ ब्रह्मविष्णुमहेश्वरा ऊचुः।अजं निर्विकल्पं…
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Shivashtkam
Shivāshtakam (शिवाष्टकम्) एक अत्यंत प्रभावशाली और भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जिसमें भगवान शिव की आठ श्लोकों में स्तुति की गई है। “अष्टकम्” का अर्थ होता है आठ श्लोकों वाला स्तोत्र, और यह विशेष रूप से भक्ति, ध्यान, क्षमा और मोक्ष की भावना से ओतप्रोत होता है। …
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Shiv Pratah Smaran Stotra
Shiv Pratah Smaran Stotram एक स्तुति है जिसमें भगवान शिव के दिव्य रूप, उनके गुणों और उनकी कृपा का स्मरण प्रातःकाल किया जाता है। यह स्तोत्र प्राचीन संत आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है। इसमें भगवान शिव की सौम्यता, करुणा, ज्ञान, और उनके भक्तों पर कृपा को बड़े सुंदर शब्दों में वर्णित किया गया…
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Vishnu Puran Nag Patni Krit श्रीकृष्ण स्तोत्र
विष्णु पुराण नागपत्नी कृत श्रीकृष्ण स्तोत्र एक अत्यंत भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की नागपत्नी (कालिय नाग की पत्नियों) द्वारा स्तुति के रूप में गाया गया था। यह स्तोत्र विष्णु पुराण के अन्तर्गत आता है और उस प्रसंग से जुड़ा है जब श्रीकृष्ण ने यमुनाजी में रह रहे कालिय नाग को परास्त किया था।…
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मीनाक्षी पंचरत्नम् – Meenakshi Pancharatnam
Meenakshi Pancharatnam एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जो देवी मीनाक्षी (तामिलनाडु की मदुरै की ऐतिहासिक देवी, पार्वती का रूप) की स्तुति में रचित है। इसे प्राचीन समय के महान संस्कृत कवि आदि शंकराचार्य ने “पञ्चरत्न” यानी “पाँच रत्नों” के रूप में काव्य रूप दिया है, जिसमें पाँच श्लोक शामिल हैं । Meenakshi Pancharatnamमीनाक्षी पंचरत्नम् उद्यद्भानुसहस्रकोटिसदृशां केयूरहारोज्ज्वलांबिम्बोष्ठीं स्मितदन्तपङ्क्तिरुचिरां…