चक्र राज स्तोत्र – Chakra Raj Stotra

चक्रराज स्तोत्र (Chakra Raj Stotra) एक विशेष स्तोत्र है जो भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र की स्तुति करता है। इसे वैदिक या तांत्रिक परंपरा में अत्यंत प्रभावशाली रक्षा कवच है। इसका उद्देश्य नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं, और रोगों से रक्षा करना है।

Chakra Raj Stotra
चक्रराज स्तोत्र

प्रोक्त पंचदशी विद्या महात्रिपुरसुन्दरी।
श्रीमहाशोधोषी प्रोक्ता महेश्वरी सदा.1.

प्रोक्ता श्रीददक्षिणा काली महाराजनीति संजना।
लोके ख्याता महाजनी नम्ना दक्षिणकालिका।
अगमेषु महाशक्तिः ख्याता श्रीभुवनेश्वरी।2।

महागुप्त गुह्यकालि नम्ना शास्त्रेषु कीर्तिता।
महोग्रतार उर्फ ​​महाजनपतेति भूतले।3।

महानंदा कुब्जिका स्यात् लोकेत्र जगदंबिका।
त्रिशक्त्याद्यत्र चामुंडा महास्पंद प्रकीर्तिता।4।

महाशय प्रोक्ता बाला त्रिपुरसुन्दरी।
श्रीचक्रराजः सम्प्रोक्तस्त्रीभागेन महेश्वरी।5।

॥ इति चक्रराजस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥


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