गुरु प्रदोष व्रत, विशेष रूप से भगवान शिव और बृहस्पति देव की पूजा के लिए रखा जाता है। यह व्रत हर माह के प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद मनाया जाता है, जो हर महीने के गुरुवार को आता है। यह व्रत समृद्धि, सुख और स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
| माह | गुरु प्रदोष व्रत की तिथि | दिन |
|---|---|---|
| जनवरी | 4 जनवरी 2024 | गुरुवार |
| फरवरी | 8 फरवरी 2024 | गुरुवार |
| मार्च | 7 मार्च 2024 | गुरुवार |
| अप्रैल | 4 अप्रैल 2024 | गुरुवार |
| मई | 9 मई 2024 | गुरुवार |
| जून | 6 जून 2024 | गुरुवार |
| जुलाई | 11 जुलाई 2024 | गुरुवार |
| अगस्त | 8 अगस्त 2024 | गुरुवार |
| सितंबर | 5 सितंबर 2024 | गुरुवार |
| अक्टूबर | 10 अक्टूबर 2024 | गुरुवार |
| नवंबर | 7 नवंबर 2024 | गुरुवार |
| दिसंबर | 5 दिसंबर 2024 | गुरुवार |
.jpg)


