दिसंबर 2024 में आने वाले प्रदोष व्रत
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पर्व का नाम | प्रदोष व्रत (शुक्ल और कृष्ण पक्ष दोनों) |
| शुक्ल पक्ष तिथि | 12 दिसंबर 2024 (गुरुवार) |
| कृष्ण पक्ष तिथि | 26 दिसंबर 2024 (गुरुवार) |
| पारण (व्रत समापन) | अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले |
| पूजा का समय | संध्या काल (सूर्यास्त से पूर्व एक घंटा और सूर्यास्त के बाद एक घंटा) |
| व्रत की महत्वता | भगवान शिव और देवी पार्वती की आराधना से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति। |
| उपवास विधि | दिनभर निर्जल या फलाहार उपवास, संध्या समय शिवजी की पूजा और कथा श्रवण। |
| प्रमुख पूजा सामग्री | बेल पत्र, चंदन, जल, दीपक, पुष्प, अक्षत, धूप, पंचामृत, और नैवेद्य। |
| विशेष ध्यान | प्रदोष व्रत सायंकाल में किया जाता है। गुरुवार के दिन यह व्रत गुरु ग्रह के दोष निवारण और समृद्धि के लिए विशेष फलदायी होता है। |
दिसंबर महीने में प्रदोष व्रत के ये दोनों दिन बेहद शुभ और फलदायी माने जाते हैं। व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा विधिपूर्वक करने से कष्टों का निवारण और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
.jpg)


.jpg)