Category: Stotram

  • Dwadash Panjarika Stotra

    द्वादश पञ्जरिका स्तोत्र – Dwadash Panjarika Stotra

    द्वादश पञ्जरिका स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है जो भगवती दुर्गा की स्तुति में रचा गया है। इसे आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है। यह स्तोत्र मुख्यतः श्री दुर्गा सप्तशती के अर्जुनोक्तम् के आधार पर है और देवी के विभिन्न रूपों की स्तुति करता है। Dwadash Panjarika Stotraद्वादश पञ्जरिका स्तोत्र मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णां कुरु…

  • Devya Aratrikam

    देव्या आरात्रिकम् – Devya Aratrikam

    देव्याः आरात्रिकम् एक अत्यंत सुंदर स्तोत्र है, जो माँ भगवती की आरती के रूप में गाया जाता है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती या चण्डी पाठ के अंत में विशेष रूप से गाया जाता है। इसमें देवी के तेज, शक्ति, और करुणा की स्तुति की जाती है। Devya Aratrikamदेव्या आरात्रिकम् जय देवि जय देवि जय मोहनरूपे…

  • Devi Kshama Prarthana Stotram

    देवी क्षमा प्रार्थना स्तोत्रम् – Devi Kshama Prarthana Stotram

    देवी क्षमा प्रार्थना स्तोत्रम् एक अत्यंत भावपूर्ण स्तुति है, जो माँ भगवती से क्षमा याचना करने के लिए रचित है। यह स्तोत्र उस स्थिति में पढ़ा जाता है जब साधक को यह अनुभव होता है कि उसने पूजा, ध्यान, जप या व्यवहार में कोई त्रुटि की है। Devi Kshama Prarthana Stotramदेवी क्षमा प्रार्थना स्तोत्रम् ॥…

  • Devi Apradh Kshama Stotram

    देव्यपराध क्षमापन स्तोत्रम् – Devi Apradh Kshama Stotram

    देवी अपराध क्षमापण स्तोत्रम् एक अत्यंत भावपूर्ण स्तोत्र है जो भक्त द्वारा देवी से क्षमा माँगने के लिए रचा गया है। जब कोई साधक यह अनुभव करता है कि उसने अनजाने में कोई अपराध, अशुद्धता या त्रुटि कर दी है – पूजा, ध्यान, जप या आचरण में – तब वह इस स्तोत्र के माध्यम से…

  • Durga Ashtottar Stotra

    श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् – Durga Ashtottar Stotra

    दुर्गाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम् (Durga Ashtottara Shatanama Stotram) माँ दुर्गा के १०८ पवित्र नामों का एक स्तोत्र है। यह स्तोत्र देवी दुर्गा की महिमा, शक्ति, करुणा, और संरक्षण को समर्पित है और हिंदू धर्म में शक्ति उपासना का एक महत्वपूर्ण अंग है। Durga Ashtottar Stotraश्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र शतनाम प्रवक्ष्यामि श्रृणुष्व कमलानने।यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती॥॥ॐ सती साध्वी…

  • Baghlamukhi Mata

    श्रीबगलामुखी दिग्बन्धन रक्षा स्तोत्र – Digbandhan Raksha Stotra

    दिग्बन्धन रक्षा स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है, जिसे आत्म सुरक्षा के लिए पढ़ा जाता है। इसका उद्देश्य सभी दिशाओं से नकारात्मक शक्तियों, भूत-प्रेत बाधाओं, तंत्र-मंत्र प्रभावों और अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करना होता है। यह स्तोत्र विशेषकर साधना, तंत्रिक प्रयोग, और आध्यात्मिक रक्षा के लिए उपयोगी होता है। श्रीबगलामुखी दिग्बन्धन रक्षा स्तोत्र ब्रह्मास्त्र प्रवक्ष्यामि…

  • Daridra Dahan Shiv Stotra

    Daridra Dahan Shiv Stotra

    दारिद्र दहन शिव स्तोत्र (Daridra Dahana Shiva Stotram) एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से दारिद्रता (गरीबी), बाधाओं, एवं कष्टों को नष्ट करने के लिए पाठ किया जाता है। दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणायकर्णामृताय शशिशेखर धारणायकर्पूरकांति धवलाय जटाधरायदारिद्र्य दु:ख दहनाय नम: शिवाय… गौरी प्रियाय…

  • Das Mahavidya Stotra

    दस महाविद्या स्तोत्र – Das Mahavidya Stotra

    दस महाविद्या स्तोत्र एक स्तुति है जिसमें दस महाविद्याओं—तंत्र शास्त्र में दस प्रमुख शक्तियों या देवियों—की महिमा का वर्णन किया गया है। इन दस महाविद्याओं को आदि शक्ति (पराशक्ति) के दस रूपों के रूप में पूजा जाता है और ये साधकों को मोक्ष, सिद्धियाँ, और सांसारिक लाभ प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। Das Mahavidya…

  • Dattatreya Stotram

    श्री दत्तात्रेय स्तोत्रम् – Dattatreya Stotram

    दत्तात्रेय स्तोत्र एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान दत्तात्रेय की स्तुति में रचा गया है। भगवान दत्तात्रेय हिन्दू धर्म में एक अद्वितीय त्रिदेवस्वरूप देवता हैं – जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों के संयुक्त रूप माने जाते हैं। दत्तात्रेय जी को योग, तपस्या, वैराग्य और ज्ञान के प्रतीक रूप में पूजा जाता है। Dattatreya…

  • Tulsi Stotra

    Tulsi Stotra

    तुलसी स्तोत्र एक भक्ति स्तोत्र है जो तुलसी माता (पवित्र तुलसी पौधे) की स्तुति में रचा गया है। तुलसी हिन्दू धर्म में एक अत्यंत पूजनीय और पवित्र पौधा है, जिसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है और भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती हैं। तुलसी स्तोत्र का पाठ करने से भक्त को आध्यात्मिक लाभ,…