Category: Stotram

  • Prayer

    परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् – Parmeshwar Stuti Stotram

    परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् एक अत्यंत भक्तिपूर्ण संस्कृत स्तोत्र है, जो परमेश्वर सगुण और निर्गुण दोनों स्वरूपों में पूज्य हैं, की महिमा का गुणगान है। यह स्तोत्र ईश्वर के सार्वभौमिक, सर्वव्यापी, और सर्वज्ञ रूप का स्मरण कराते हुए भक्त में श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक जागरूकता उत्पन्न करता है। Parmeshwar Stuti Stotramपरमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि…

  • परमेश्वर स्तोत्रम् – Parmeshwar Stotram

    परमेश्वर स्तोत्रम् एक संस्कृत स्तुति (प्रार्थना) है जो सर्वशक्तिमान ईश्वर — जिन्हें परमेश्वर कहा जाता है — की महिमा का गुणगान करती है। यह स्तोत्र परमात्मा के गुणों जैसे कि सर्वज्ञता, सर्वव्यापकता, सर्वशक्तिमानता, करुणा, और न्याय की स्तुति करता है। यह किसी एक विशिष्ट देवता (जैसे विष्णु, शिव, या देवी) तक सीमित न होकर, उस…

  • Nyasa Dasakam

    न्यास दशकम् – Nyasa Dasakam

    न्यास दशकम् (Nyasa Dashakam) एक संस्कृत स्तोत्र है जिसकी रचना आदि शंकराचार्य द्वारा की गई मानी जाती है। यह एक आध्यात्मिक साधना के आरंभ में पढ़ा जाने वाला स्तोत्र है जो आत्मा, शरीर और मन को देवता के संरक्षण में समर्पित करने की प्रक्रिया को दर्शाता है। “न्यास” का अर्थ होता है “संपूर्ण समर्पण” और…

  • Narsingh Avatar

    नृसिंह अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् – Narsingh Ashtottar Shatnam Stotram

    भगवान नृसिंह अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् एक पारंपरिक वैदिक स्तुति है जिसमें भगवान नृसिंह के 108 पवित्र नामों का उल्लेख होता है। यह स्तोत्र विष्णु के उग्र और रक्षक स्वरूप, भगवान नृसिंह को समर्पित है, जो अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए आधे मानव और आधे सिंह के रूप में प्रकट हुए थे। Narsingh Ashtottar…

  • Naag Stotram

    नाग स्तोत्र – Naag Stotram

    नाग स्तोत्र एक पवित्र स्तुति है जो नाग देवताओं की आराधना के लिए की जाती है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष, राहु-केतु के दुष्प्रभाव और सर्प भय से मुक्ति मिलती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से नाग पंचमी, श्रावण मास के सोमवार या पंचमी तिथि को पढ़ना अत्यंत फलदायी…

  • Narsingh Stotra

    नृसिंह स्तोत्र – Narsingh Stotra

    नृसिंह स्तोत्र भगवान विष्णु के उग्र अवतार, श्री नृसिंह देव को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जो भक्तों को भय, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति से मुक्ति दिलाता है। इसका नियमित पाठ आत्मबल, साहस और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) में इसका जाप…

  • Neel Saraswati Devi Stotra

    श्री नील सरस्वती स्तोत्र श्री नील सरस्वती स्तोत्र एक शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है, जो देवी मातंगी (नील सरस्वती) को समर्पित है। यह स्तोत्र शत्रु नाश, बुद्धि विकास, वाणी सिद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इसके नियमित पाठ से शत्रुओं का नाश होता है, मानसिक स्पष्टता बढ़ती है, और आत्मबल में वृद्धि…

  • Navgrah Pidahar Stotra

    नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र – Navgrah Pidahar Stotra

    नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है, जो ब्रह्मांडपुराण में वर्णित है। इस स्तोत्र में सूर्य से लेकर केतु तक नौ ग्रहों की स्तुति की गई है, जिससे उनके अशुभ प्रभावों को शांत किया जा सके। इसका नियमित पाठ करने से ग्रह दोष, शारीरिक-मानसिक पीड़ा, आर्थिक संकट, शत्रु बाधा, और दुर्भाग्य दूर होते हैं।…

  • Dhumavati Stotra

    धूमावती स्तोत्र – Dhumavati Stotra

    धूमावती स्तोत्र एक शक्तिशाली स्तुति है जो दस महाविद्याओं में से सातवीं देवी धूमावती को समर्पित है। यह स्तोत्र देवी के तामसिक और रहस्यमय स्वरूप की स्तुति करता है जो विधवा रूप में जानी जाती हैं, परंतु साधकों को अद्भुत ज्ञान, वैराग्य, और मोक्ष प्रदान करती हैं। इस स्तोत्र का नियमित पाठ नकारात्मक ऊर्जा, दरिद्रता,…

  • Dhanada Lakshmi Stotra

    धनदा लक्ष्मी स्तोत्र – Dhanada Lakshmi Stotra

    धनदा लक्ष्मी स्तोत्र एक अत्यंत फलदायी और शुभ स्तोत्र है, जो माँ लक्ष्मी के “धनदा” रूप की स्तुति करता है। “धनदा” का अर्थ है “धन देने वाली”। यह स्तोत्र माँ लक्ष्मी से धन, ऐश्वर्य, समृद्धि, और सुख-शांति की प्रार्थना करता है। Dhanada Lakshmi Stotraधनदा लक्ष्मी स्तोत्र धनदे धनपे देवि, दानशीले दयाकरे |  त्वं प्रसीद महेशानि…