Category: Stotram

  • Bajranfbali

    बंदी मोचन स्तोत्र – Bandi Mochan Stotra

    बंदी मोचन स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान हनुमान जी को समर्पित है। इसका पाठ विशेष रूप से बंधनों, बाधाओं, न्यायिक समस्याओं, कारावास, शत्रुता, और मानसिक-कायिक पीड़ा से मुक्ति के लिए किया जाता है। “बंदी मोचन” का अर्थ होता है “बंधन से मुक्त करने वाला”, और यह स्तोत्र हनुमान जी की उस शक्ति…

  • Parshwanath Sahastranaam

    Parshwanath Sahastranaam

    पार्श्वनाथ सहस्रनाम एक पावन जैन स्तोत्र है जिसमें भगवान पार्श्वनाथ जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हैं — के 1000 पवित्र नामों का स्तवन (प्रशंसा) किया गया है। यह स्तोत्र जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ किया जाता है, जिससे आत्मशुद्धि, मानसिक शांति, और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।…

  • Pratah smaranam

    Pratah smaranam

    प्रातः स्मरणम् एक संस्कृत स्तोत्र है जिसे प्रतिदिन सुबह उठते ही भगवान का ध्यान करके पढ़ा जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है – “प्रभात में स्मरण किया जाने वाला”। यह स्तोत्र भगवान विष्णु, शिव, देवी, सूर्य या आत्मा के स्वरूप का ध्यान कर आत्मशुद्धि, जागरूकता और दिव्य ऊर्जा के साथ दिन की शुरुआत करने के…

  • Narsingh Avatar

    प्राधिकृत नृसिंह स्तोत्र – Pradhikrat Narsingh Stotra

    प्राधिकृत नृसिंह स्तोत्र भगवान नृसिंहदेव को समर्पित एक स्तोत्र है जो विशेष रूप से उनकी संहारक शक्ति, भक्त-रक्षा, और अधर्म के विनाश करने वाले स्वरूप का गुणगान करता है। “प्राधिकृत” का अर्थ है “अधिकार प्राप्त” या “शास्त्र-सम्मत रूप से स्वीकृत”। इस स्तोत्र में भगवान नृसिंह को भय, रोग, शत्रुता, और अशुभ ग्रह प्रभावों से बचाने…

  • Pratyangira Mahavidya

    प्रत्यङ्गिरा महाविद्या स्तोत्र – Pratyangira Mahavidya Stotra

    प्रत्यङ्गिरा महाविद्या स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी स्तोत्र है, जो महाविद्याओं में एक देवी प्रत्यङ्गिरा को समर्पित है। यह स्तोत्र देवी के उग्र, रक्षक और तांत्रिक स्वरूप का स्तवन करता है। देवी प्रत्यङ्गिरा को कालिका का अत्यंत शक्तिशाली रूप माना जाता है, जो दुष्ट शक्तियों, काले जादू, नज़र दोष, शत्रु बाधा और भय से…

  • Kartikeya Ji

    प्रज्ञा विवर्धन कार्तिकेय स्तोत्र – Pragna Vivardhana Kartikeya

    प्रज्ञा विवर्धन कार्तिकेय स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली संस्कृत स्तोत्र है, जो भगवान कार्तिकेय (मुरुगन, स्कंद) को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से बुद्धि, मेधा, ज्ञान और आत्मबल को बढ़ाने हेतु पाठ किया जाता है। “प्रज्ञा” का अर्थ होता है – गहरी बुद्धिमत्ता, विवेक और समझदारी। इस स्तोत्र में भगवान कार्तिकेय की महिमा, उनका तेजस्वी…

  • Pitra Dev Stotra

    पितृ देव स्तोत्र – Pitra Dev Stotra

    पितृ देव स्तोत्र एक अत्यंत श्रद्धा से भरा हुआ वैदिक स्तोत्र है, जो हमारे पितरों (पूर्वजों) को समर्पित होता है। यह स्तोत्र उनकी आत्मा की शांति, कृपा और वंश की उन्नति के लिए पाठ किया जाता है। इसे पढ़ने से व्यक्ति पितृ ऋण से मुक्त होता है और परिवार में सुख, समृद्धि तथा आध्यात्मिक शुद्धि…

  • Pitra Dosh Stotra

    Pitra Dosh Stotra

    पितृ दोष स्तोत्र एक विशेष धार्मिक स्तोत्र है जिसे पितरों (पूर्वजों) के अशांत या अप्रसन्न आत्माओं को शांति प्रदान करने और उनके कारण उत्पन्न दोषों से मुक्ति पाने के लिए पाठ किया जाता है। यह स्तोत्र हिंदू धर्म में उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है जिनकी जन्मकुंडली में पितृ दोष…

  • Pashupatastra Stotra

    पाशुपतास्त्र स्तोत्र पाशुपतास्त्र स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है जो भगवान शिव के एक उग्र और महाशक्तिशाली आयुध “पाशुपतास्त्र” की स्तुति में रचा गया है। यह स्तोत्र भगवान शिव के उस स्वरूप को समर्पित है जो संहारकर्ता, अधिपति और विश्व के संहारक अस्त्रों के स्वामी के रूप में पूजे जाते हैं। ईश्वर उवाच वक्ष्ये पाशुपतास्त्रेण…

  • Para Puja Stotra

    श्री परापूजा स्तोत्र – Para Puja Stotra

    श्री परापूजा स्तोत्र (Para Puja Stotra) एक अत्यंत आध्यात्मिक एवं दार्शनिक स्तोत्र है, जिसकी रचना श्रीमद् आदि शंकराचार्य द्वारा की गई मानी जाती है। यह स्तोत्र एक अद्वैत दृष्टिकोण से रचा गया है, जिसमें यह समझाया गया है कि सच्ची पूजा केवल बाहरी कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मा के द्वारा आत्मा की ही पूजा करना है,…