Category: Stotram
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Upmanyu Krit Shiv Stotram
उपमन्यु कृत शिव स्तोत्रम् में भगवान शिव को शंकर, पार्वतीपति, मृडशम्भु, शशिखण्डमण्डन, मदनान्तक, भक्तवत्सल, प्रियकैलास और दयासुधांबुधि जैसे विविध नामों से पुकारा गया है। यह स्तोत्र शिवजी की करुणा, भक्ति भाव और उनके भक्तों पर बरसने वाली कृपा का सुंदर वर्णन करता है। Upmanyu Krit Shiv Stotramउपमन्यु कृत शिव स्तोत्रम् जय शंकर पार्वतीपते मृडशम्भो शशिखण्डमण्डन!।…
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Ujjwal Venkat Nath Stotram
यह स्तोत्र भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में रचित एक पवित्र ग्रंथ है, जिसमें उनके दिव्य स्वरूप, करुणा, और भक्तों पर उनकी कृपा का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। Ujjwal Venkat Nath Stotramउज्ज्वल वेंकट नाथ स्तोत्रं रङ्गे…
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Indra Krit Shri Krishna Stotra
इंद्रकृत श्रीकृष्ण स्तोत्र एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली संस्कृत रचना है, जिसे देवराज इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करते हुए रचा था। यह स्तोत्र ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में उल्लिखित है। इसमें कुल 21 श्लोक शामिल हैं, जो श्रीकृष्ण के विविध स्वरूपों, दिव्य लीलाओं और अद्वितीय गुणों का विस्तारपूर्वक वर्णन…
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Indrakshi Stotram Nidhi
इंद्राक्षी स्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है, जिसे भगवान नारायण ने ऋषि नारद को सिखाया था। ऋषि नारद ने इसे इंद्र को सिखाया, जिन्होंने इसे मानवों में प्रचारित किया। इस स्तोत्र में देवी इंद्राक्षी की महिमा, उनके विभिन्न रूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र रोगों से मुक्ति, दीर्घायु और अकाल मृत्यु से…
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Indrakrat Shree Ram Stotra
इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र एक प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है, जिसे देवों के राजा इंद्र ने भगवान श्रीराम की स्तुति में रचा था। यह स्तोत्र अध्यात्म रामायण के युद्ध कांड के 13वें सर्ग में वर्णित है। इसमें कुल 9 श्लोक हैं, जिनमें श्रीराम की दिव्यता, करुणा, शक्ति और भक्तवत्सल स्वरूप का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र…
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Ananda Lahari Stotram
आनन्दलहरी सार्थ आदि शंकराचार्य द्वारा रचित 41 श्लोकों का संग्रह है, जो देवी त्रिपुरसुंदरी की स्तुति में लिखा गया है। इसका पाठ साधक को आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, और देवी की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है। भवानि स्तोतुं त्वां प्रभवति चतुर्भिर्न वदनैःप्रजानामीशानस्त्रिपुरमथनः पञ्चभिरपि ।न षड्भिः सेनानीर्दशशतमुखैरप्यहिपतिःतदान्येषां केषां कथय कथमस्मिन्नवसरः ॥ १ आनन्दलहरी सार्थ…
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Ahalya Kruta Sri Rama Stotram
अहल्या कृत श्रीराम स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक स्तुति है, जिसे अहल्या ने भगवान श्रीराम के चरण-स्पर्श से शिला रूप से मुक्त होने के पश्चात् उनकी दिव्यता और करुणा की प्रशंसा में रचा था। यह स्तोत्र ‘अध्यात्म रामायण’ के बालकांड में वर्णित है और भगवान श्रीराम की महिमा, उनके मायिक स्वरूप, और उनके चरणों की…
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Aswattha Stotra
अश्वत्थ स्तोत्र अश्वत्थ स्तोत्र एक दिव्य वैदिक स्तुति है जो पीपल (अश्वत्थ) वृक्ष की आध्यात्मिक महिमा का वर्णन करती है। भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि वह वृक्षों में अश्वत्थ हैं, जिससे इसकी धार्मिक प्रतिष्ठा और बढ़ जाती है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से रोग, पाप, बुरे स्वप्न, मानसिक तनाव…
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Aparajita Stotram
अपराजितास्तोत्रम् अपराजिता स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तुति है जो देवी दुर्गा के अपराजिता रूप की महिमा का गुणगान करती है। इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, भय, रोग, तांत्रिक प्रभाव और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यह स्तोत्र आत्मबल, साहस, सफलता और विजय प्राप्ति में सहायक होता है। श्रीत्रैलोक्यविजया अपराजितास्तोत्रम् ।…
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Apadunmoolana Durga Stotram – आपदुन्मूलन दुर्गा स्तोत्रम्
आपदुद्धारण दुर्गा स्तोत्र एक शक्तिशाली स्तुति है जो देवी दुर्गा को समर्पित है। यह स्तोत्र भगवान शिव द्वारा देवी पार्वती को बताया गया था और इसे पढ़ने से सभी प्रकार की आपदाओं, संकटों और भय से मुक्ति मिलती है। Apadunmoolana Durga Stotramआपदुन्मूलन दुर्गा स्तोत्रम् लक्ष्मीशे योगनिद्रां प्रभजतिभुजगाधीशतल्पे सदर्पा-वुत्पन्नौ दानवौतच्छ्रवणमलमयाङ्गौ मधुं कैटभं च । दृष्ट्वा भीतस्य…