Category: Stotram
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श्री लक्ष्मी स्तोत्र – लाभ, नियम और पूजा की सामग्री |
श्री लक्ष्मी स्तोत्र – धन की देवी लक्ष्मी को शास्त्रों में ऐश्वर्य और शुभता का प्रतीक माना गया है। यह विश्वास किया जाता है कि जो भक्त इस स्तोत्र का नियमित रूप से श्रद्धा सहित पाठ करता है, उसके जीवन से दरिद्रता हटती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। शुक्रवार को विशेष…
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सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् – नौकरी, स्वास्थ्य और शत्रु बाधा के लिए रामबाण उपाय |
सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रभावशाली तांत्रिक स्तोत्र है जिसे दुर्गा सप्तशती का सार कहा जाता है। यह स्तोत्र शिवजी द्वारा माता पार्वती को बताया गया था और ऐसा माना जाता है कि इसके पाठ से सम्पूर्ण सप्तशती के समान फल प्राप्त होता है। यह स्तोत्र साधना, सुरक्षा, और सिद्धि का सशक्त माध्यम माना गया…
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Pitru Stotra
Pitru Stotraपितृ स्तोत्र अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् ।नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम् ॥ इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा ।सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ॥ मन्वादीनां मुनीन्द्राणां सूर्याचन्द्रमसोस्तथा ।तान् नमस्याम्यहं सर्वान् पितृनप्सूदधावपि ॥ नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा।द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि: ॥ देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् ।अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येsहं कृताञ्जलि: ॥ प्रजापते: कश्यपाय सोमाय वरुणाय च ।योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि…
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Ardhanareeswara Stotram
Ardhanareeswara Stotramअर्धनारीश्वर स्तोत्रम् चाम्पेयगौरार्धशरीरकायैकर्पूरगौरार्धशरीरकाय ।धम्मिल्लकायै च जटाधरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ कस्तूरिकाकुङ्कुमचर्चितायैचितारजःपुञ्जविचर्चिताय ।कृतस्मरायै विकृतस्मरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ झणत्क्वणत्कङ्कणनूपुरायैपादाब्जराजत्फणिनूपुराय ।हेमाङ्गदायै भुजगाङ्गदायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ विशालनीलोत्पललोचनायैविकासिपङ्केरुहलोचनाय ।समेक्षणायै विषमेक्षणायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ मन्दारमालाकलितालकायैकपालमालाङ्कितकन्धराय ।दिव्याम्बरायै च दिगम्बरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ अम्भोधरश्यामलकुन्तलायैतटित्प्रभाताम्रजटाधराय ।निरीश्वरायै निखिलेश्वरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ प्रपञ्चसृष्ट्युन्मुखलास्यकायैसमस्तसंहारकताण्डवाय ।जगज्जनन्यै…
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Kal Bhairav Stotram
Kal Bhairav Stotramश्री कालभैरव अष्टकम् देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजंव्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगंबरंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परंनीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ शूलटङ्कपाशदण्डपाणिमादिकारणंश्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम्।भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहंभक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम्।विनिक्वणन्मनोज्ञहेमकिङ्किणीलसत्कटिंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशनंकर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं विभुम्।स्वर्णवर्णशेषपाशशोभिताङ्गमण्डलंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकंनित्यमद्वितीयमिष्टदैवतं निरञ्जनम्।मृत्युदर्पनाशनं करालदंष्ट्रमोक्षणंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसन्ततिंदृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम्।अष्टसिद्धिदायकं कपालमालिकाधरंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ भूतसङ्घनायकं विशालकीर्तिदायकंकाशिवासलोकपुण्यपापशोधकं विभुम्।नीतिमार्गकोविदं पुरातनं जगत्पतिंकाशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ फलश्रुति कालभैरवाष्टकं पठन्ति ये मनोहरंज्ञानमुक्तिसाधनं विचित्रपुण्यवर्धनम्।शोकमोहदैन्यलोभकोपतापनाशनंते प्रयान्ति कालभैरवाङ्घ्रिसन्निधिं ध्रुवम्॥
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Bhagwati Stotram
Bhagwati Stotramभगवती स्तोत्र जय भगवति देवि नमो वरदे जय पापविनाशिनि बहुफलदे। जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे॥1॥ जय चन्द्रदिवाकरनेत्रधरे जय पावकभूषितवक्त्रवरे। जय भैरवदेहनिलीनपरे जय अन्धकदैत्यविशोषकरे॥2॥ जय महिषविमर्दिनि शूलकरे जय लोकसमस्तकपापहरे। जय देवि पितामहविष्णुनते जय भास्करशक्रशिरोवनते॥3॥ जय षण्मुखसायुधईशनुते जय सागरगामिनि शम्भुनुते। जय दु:खदरिद्रविनाशकरे जय पुत्रकलत्रविवृद्धिकरे॥4॥ जय देवि समस्तशरीरधरे जय नाकविदर्शिनि दु:खहरे। जय व्याधिविनाशिनि मोक्ष करे जय…
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Batuk Bhairav Stotra – पढ़ते ही जीवन में आती है ऊर्जा, आत्मबल और विजय
Batuk Bhairav Stotra – टुक भैरव भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव का ही एक बाल रूप हैं। यह रूप भक्तों के लिए दयालु, रक्षक और शीघ्र फलदायक माना जाता है। इनकी पूजा विशेष रूप से भय, संकट, दरिद्रता और मानसिक दुर्बलता को दूर करने के लिए की जाती है। बटुक भैरव स्तोत्र एक…
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Pashupatastra Stotra – शत्रुनाश, रक्षा और सिद्धि एक स्तोत्र में!
पाशुपतास्त्र स्तोत्र भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली अस्त्र, पाशुपतास्त्र, की दिव्य ऊर्जा का आह्वान करने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली एवं गोपनीय प्रार्थना है। यह मुख्य रूप से शत्रुओं पर पूर्ण विजय, सभी प्रकार के ज्ञात-अज्ञात संकटों, नकारात्मक शक्तियों और ऊपरी बाधाओं से रक्षा करने तथा असाध्य कार्यों में सिद्धि व आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया…
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Vindhyavasini Stotram – हर संकट से मुक्ति पाने का मंत्र!
विंध्यवासिनी स्तोत्र देवी विंध्यवासिनी की स्तुति में रचा गया एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जो शक्ति, साहस और समृद्धि प्रदान करता है। यह स्तोत्र नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है और जीवन में शुभता लाता है। नियमित पाठ से मानसिक तनाव कम होता है और कार्यों में सफलता मिलती है। यह साधकों को आंतरिक ऊर्जा और…
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ऋणमोचक मंगल स्तोत्र – मंगल दोष और आर्थिक संकट दोनों का रामबाण इलाज।
ऋणमोचक मंगल स्तोत्र, भगवान मंगल (भौम ग्रह) को समर्पित एक प्रभावशाली संस्कृत प्रार्थना है। यह स्तोत्र विशेष रूप से कर्ज मुक्ति, आर्थिक स्थिरता और साहसिक शक्ति प्रदान करने में सहायक है। स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति मंगल दोष निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। इसका विधिपूर्वक पाठ जीवन से ऋण, बाधा और मानसिक तनाव…