Category: Stotram

  • Shivashtakam Stotram

     शिवाष्टक स्तोत्र  – Shivashtakam Stotram

    Shivashtakam Stotram शिवाष्टक स्तोत्र  जय शिव शंकर, जय गंगाधर, करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशि सुखसार हरे ।। जय शशि शेखर, जय डमरूधर, जय जय प्रेमागर हरे। जय त्रिपुरारी, जय मदहारी, अमित, अनन्त, अपार हरे।। निर्गुण जय जय, सगुण अनामय, निराकार साकार हरे। पारवती पति हर हर शम्भो, पाहि पाहि दातार हरे ।। जय…

  • अपराजिता स्तोत्रम् – Aparajita Stotram

    अपराजिता स्तोत्रम् – Aparajita Stotram

    अपराजितास्तोत्रम् ॐ नमोऽपराजितायै । ॐ अस्या वैष्णव्याः पराया अजिताया महाविद्यायाः वामदेव-बृहस्पति-मार्कण्डेया ऋषयः ।गायत्र्युष्णिगनुष्टुब्बृहती छन्दांसि ।लक्ष्मीनृसिंहो देवता ।ॐ क्लीं श्रीं ह्रीं बीजम् ।हुं शक्तिः ।सकलकामनासिद्ध्यर्थं अपराजितविद्यामन्त्रपाठे विनियोगः ।ॐ नीलोत्पलदलश्यामां भुजङ्गाभरणान्विताम् ।शुद्धस्फटिकसङ्काशां चन्द्रकोटिनिभाननाम् ॥ शङ्खचक्रधरां देवी वैष्ण्वीमपराजिताम्बालेन्दुशेखरां देवीं वरदाभयदायिनीम् ॥ नमस्कृत्य पपाठैनां मार्कण्डेयो महातपाः ॥ मार्कण्डेय उवाच –श‍ृणुष्वं मुनयः सर्वे सर्वकामार्थसिद्धिदाम् ।असिद्धसाधनीं देवीं वैष्णवीमपराजिताम् ॥ ॐ नमो…

  • Santan Gopal Stotra

    Santan Gopal Stotra

    संतान गोपाल स्तोत्र एक विशेष स्तोत्र है, जो विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दम्पत्तियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इसे भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा के रूप में माना जाता है, जो संतान सुख की प्राप्ति के लिए मंत्रित किया जाता है। इस स्तोत्र का पाठ…

  • Laxmi Stotram

    Laxmi Stotram

    महालक्ष्मी स्तोत्र नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी सर्वदुष्टभयंकरि। सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि। योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे। महापापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणी। परमेशि…

  • Mahakal Stotram

    Mahakal Stotram – महाकाल स्तोत्रं

    महाकाल स्तोत्रम् भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली और रौद्र (भयंकर) रूप ‘महाकाल’ को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र (भजन या मंत्रों का समूह) है। ‘महाकाल’ का अर्थ है ‘काल के भी काल’, यानी समय और मृत्यु पर नियंत्रण रखने वाले देव। यह स्तोत्र भगवान शिव की अजेय और सर्वशक्तिमान रूप की महिमा का गुणगान है। Mahakal…

  • Ganesh Stotram

    Ganesh Stotram in Hindi Lyrics

    गणेश स्तोत्र प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥॥प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम् ।तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम् ॥॥ लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च ।सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥॥नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन् ॥॥ द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः ।न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ॥॥विद्यार्थी…

  • Guru Stotram

    Guru Stotram

    गुरु स्तोत्र गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुस्साक्षात्परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः॥ अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरं। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ अनेकजन्मसंप्राप्तकर्मबन्धविदाहिने । आत्मज्ञानप्रदानेन तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ मन्नाथः श्रीजगन्नाथो मद्गुरुः श्रीजगद्गुरुः। ममात्मासर्वभूतात्मा तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ बर्ह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिम्,द्वन्द्वातीतं…

  • Parvati Stotram

    Parvati Stotram

    पार्वती स्तोत्रम् ॥ जानकीकृतं पार्वतीस्तोत्रम् ॥जानकी उवाच:शक्तिस्वरूपे सर्वेषां सर्वाधारे गुणाश्रये ।सदा शंकरयुक्ते च पतिं देहि नमोsस्तु ते ॥1॥ सृष्टिस्थित्यन्त रूपेण सृष्टिस्थित्यन्त रूपिणी ।सृष्टिस्थियन्त बीजानां बीजरूपे नमोsस्तु ते ॥2॥ हे गौरि पतिमर्मज्ञे पतिव्रतपरायणे ।पतिव्रते पतिरते पतिं देहि नमोsस्तु ते ॥3॥ सर्वमंगल मंगल्ये सर्वमंगल संयुते ।सर्वमंगल बीजे च नमस्ते सर्वमंगले ॥4॥ सर्वप्रिये सर्वबीजे सर्व अशुभ विनाशिनी ।सर्वेशे…

  • Adya Kali

    Adya Kali Stotra

    Adya Kali Stotra । ॐ नम आद्यायै । श‍ृणु वत्स प्रवक्ष्यामि आद्यास्तोत्रं महाफलम् ।यः पठेत् सततं भक्त्या स एव विष्णुवल्लभः ॥ १॥ मृत्युर्व्याधिभयं तस्य नास्ति किञ्चित् कलौ युगे ।अपुत्रा लभते पुत्रं त्रिपक्षं श्रवणं यदि ॥ २॥ द्वौ मासौ बन्धनान्मुक्ति विप्रवक्त्रात् श्रुतं यदि ।मृतवत्सा जीववत्सा षण्मासं श्रवणं यदि ॥ ३॥ नौकायां सङ्कटे युद्धे पठनाज्जयमाप्नुयात् ।लिखित्वा स्थापयेद्गेहे…

  • Damodar Stotra

    Govind Damodar Stotra Lyrics & PDF – Karara vinde Na Padaravindam

    दामोदर स्तोत्र नकारात्मक सोच, डर और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। जब जीवन में सब कुछ उलझा हुआ लगे, तब यह स्तोत्र अंदर से शक्ति और शांति प्रदान करता है। नियमित पाठ से मन स्थिर होता है और आत्मबल बढ़ता है, जिससे भय और चिंता धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।…