Category: Stotram

  • Shani Baba

    Shani Stavraj Stotra

    शनि स्तवराज स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तुति है जो भगवान शनि देव को समर्पित है। इसका पाठ विशेष रूप से शनि के कोप से मुक्ति, साढ़े साती, ढैया, और जीवन की बाधाओं से राहत पाने के लिए किया जाता है। यह स्तोत्र भगवान शनि की महिमा का वर्णन करता है और उनके न्यायकारी स्वरूप की…

  • Vindhyavasini

    Shatru Vindhyavasini Stotra

    शत्रु विन्ध्यवासिनी स्तोत्र एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो देवी विन्ध्यवासिनी को समर्पित होता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से शत्रुओं पर विजय, संकट से रक्षा, और आत्मबल वृद्धि के लिए पढ़ा जाता है। देवी विन्ध्यवासिनी दुर्गा का एक स्वरूप हैं, जो विन्ध्याचल पर्वत पर स्थित हैं और विशेष रूप से संकट हरने वाली एवं रक्षण…

  • Shiv Baba

    Vedsar Shivastav

    वेदसार शिवस्तोत्र (Vedsar Shivastav) एक अत्यंत पावन और प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र संस्कृत में रचित है और “वेदों का सार” माना जाता है, क्योंकि इसमें शिव की उपासना के माध्यम से वेदों के मूल तत्वों को सरल और भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया गया है।…

  • Venkateswara

    Venkateswara Ashtottara Shatanama Stotram

    यह स्तोत्र भगवान वेंकटेश (जो तिरुपति बालाजी के नाम से प्रसिद्ध हैं) के 108 दिव्य नामों का संग्रह है। “Ashtottara Shata” का अर्थ है “108”, और “Nama” मतलब “नाम”। यह स्तोत्र भक्ति से भगवान को स्मरण कर, उनके रूप, गुण और कार्यों का स्तवन करता है। श्री वेङ्कटेश्वर अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्  ध्यानम् । श्री वेङ्कटाचलाधीशं श्रियाध्यासितवक्षसम्…

  • Hanuman

    Veera Vimsati Kavyam Hanuman Stotram

    Veera Vimsati Kavyam (वीर विम्शति काव्यम्) एक हनुमान स्तोत्र है जिसमें भगवान हनुमान जी की वीरता, भक्ति, और पराक्रम का सुंदर काव्यात्मक वर्णन किया गया है। नाम से ही स्पष्ट है — “वीर विम्शति” यानी 20 श्लोकों का ऐसा स्तोत्र जिसमें हनुमान जी की वीरता को महाकाव्य शैली में वर्णित किया गया है। Veera Vimsati…

  • Vishnu Puran Nag Patni Krit श्रीकृष्ण स्तोत्र

    Vishnu Puran Nag Patni Krit श्रीकृष्ण स्तोत्र

    विष्णु पुराण नागपत्नी कृत श्रीकृष्ण स्तोत्र एक अत्यंत भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की नागपत्नी (कालिय नाग की पत्नियों) द्वारा स्तुति के रूप में गाया गया था। यह स्तोत्र विष्णु पुराण के अन्तर्गत आता है और उस प्रसंग से जुड़ा है जब श्रीकृष्ण ने यमुनाजी में रह रहे कालिय नाग को परास्त किया था।…

  • Vishwa Shanti Mantra

    Vishwa Shanti Mantra

    विश्व शांति मंत्र वेदों और उपनिषदों में वर्णित ऐसे मंत्र होते हैं जो सम्पूर्ण सृष्टि, मानवता, प्रकृति और ब्रह्मांड के लिए शांति की कामना करते हैं। इनका पाठ शांति , सामंजस्य, और कल्याण के लिए किया जाता है। Vishwa Shanti Mantraविश्व शांति स्तोत्र नश्यन्तु प्रेत कूष्माण्डा नश्यन्तु दूषका नरा: साधकानां शिवाः सन्तु आम्नाय परिपालिनाम ।…

  • Vivah Vasu Gandharv Stotra

    Vivah Vasu Gandharv Stotra

    Vivah Vasu Gandharva Stotra एक विशेष स्तोत्र है जो विवाह बाधाओं को दूर करने और योग्य वर/वधू प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र गंधर्वों और वासु देवताओं को समर्पित होता है, जिन्हें हिन्दू शास्त्रों में विवाह के देवता और संबंधों के संरक्षक माना गया है। Vivah Vasu Gandharv Stotraश्री विश्वावसु गन्धर्व स्तोत्र…

  • Vipra Patni Krit Krishna Stotra

    Vipra Patni Krit Krishna Stotra

    Vipra Patni Krit Krishna Stotra भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति में रचित एक अत्यंत भावपूर्ण स्तोत्र है, जिसे ब्राह्मणों की पत्नियों (विप्र-पत्नियों) ने श्रीकृष्ण की दिव्यता और करुणा से अभिभूत होकर रचा था। यह स्तोत्र भागवत पुराण से प्रेरित है और भक्तों की प्रेमभक्ति, विनम्रता और श्रद्धा का उत्कृष्ट उदाहरण है। Vipra Patni Krit Krishna Stotraविप्रपत्नी…

  • Vinayak Stotram

    Vinayak Stotram

    Vinayak Stotra भगवान श्री गणेश जी को समर्पित एक स्तोत्र है, जो उन्हें विघ्नहर्ता, सिद्धि-विनायक, और मंगलमूर्ति के रूप में स्तुति करता है। इसे पढ़ने से सभी कार्यों में सफलता, विघ्नों का नाश और बुद्धि की वृद्धि होती है। Vinayak Stotramविनायक स्तोत्र विघ्नेश विघ्नचयखण्डननामधेयश्रीशंकरात्मज सुराधिपवन्द्यपाद ।दुर्गामहाव्रतफलाखिलमंगलात्मन्विघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक त्वम् ॥1॥ सत्पद्मरागमणिवर्णशरीरकान्ति:श्रीसिद्धिबुद्धिपरिचर्चितकुंकुमश्री: ।दक्षस्तने वलयितातिमनोज्ञशुण्डोविघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक…