Category: Stotram

  • Pratyangira devi

    Vipreet Pratyangira Stotra

    विपरीत प्रत्यङ्गिरा स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली, उग्र और तांत्रिक स्तोत्र है जो देवी प्रत्यङ्गिरा के विपरीत या विशेष उग्र रूप की आराधना में प्रयोग होता है। यह स्तोत्र बहुत ही दुर्लभ और गोपनीय माना जाता है और आमतौर पर इसे केवल दीक्षित साधकों या तांत्रिक परंपरा के जानकार ही करते हैं। विपरीत प्रत्यङ्गिरा स्तोत्र ।।मूल…

  • Pratyangira devi

    Viprit Pratyangira Mahavidya

    विपरीत प्रत्यङ्गिरा महाविद्या एक अत्यंत रहस्यमयी, उग्र और तांत्रिक शक्ति है, जो देवी प्रत्यङ्गिरा के एक अत्यधिक शक्तिशाली और विशेष रूप में पूजी जाती है। यह साधना मुख्यतः तांत्रिक परंपरा में आती है और अत्यधिक गोपनीय मानी जाती है। श्री महाविपरीतप्रत्यंगिरा स्तोत्रम नमस्कार मन्त्रः श्रीमहा विपरीत प्रत्यंगिरा काल्यै नमः। पूर्व पीठिका महेश्वर उवाच श्रृणु देवि,…

  • Vindhyavasini Devi

    Vindhyavasini Stotra

    Vindhyavasini Stotra एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो देवी विंध्यवासिनी की स्तुति में रचा गया है। देवी विंध्यवासिनी को शक्ति (दुर्गा) का रूप माना जाता है, जो विंध्याचल पर्वत पर निवास करती हैं। यह स्तोत्र उनकी महाशक्ति, रक्षा, और संकटमोचक स्वरूप का गुणगान करता है। विन्ध्येश्वरीस्तोत्रम् श्रीगणेशाय नमः ।निशुम्भशुम्भमर्दिनीं प्रचण्डमुण्डखण्डनीम् ।वने रणे प्रकाशिनीं भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥…

  • Lalita Mahalakshmi Stotra

    Lalita Mahalakshmi Stotra

    Lalita Mahalakshmi Stotram एक पवित्र स्तोत्र है जो देवी ललिता त्रिपुरसुन्दरी और महालक्ष्मी — इन दोनों शक्तियों के संयुक्त रूप की स्तुति करता है। यह स्तोत्र भक्तों द्वारा देवी के ऐश्वर्य, सौंदर्य, दया, और शक्ति की कृपा प्राप्त करने के लिए पाठ किया जाता है। Lalita Mahalakshmi Stotraश्रीललितामहालक्ष्म्या स्तोत्रम् ( १३५ नामावलि ) || श्री…

  • Lalitha Panchakam

    Lalitha Panchakam – ललिता पंचकम

    ललिता पंचकम एक संक्षिप्त लेकिन अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जो देवी ललिता त्रिपुरसुन्दरी को समर्पित है। इसे आमतौर पर पाँच श्लोकों (इसलिए “पंचकम”) में रचा गया है और यह श्रीविद्या उपासना से जुड़ा हुआ है। इस स्तोत्र को पढ़ने से साधक को देवी माँ की कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल और रचनात्मक ऊर्जा प्राप्त होती…

  • Hanuman Langulastra Stotra

    Hanuman Langulastra Stotra

    हनुमान लांगूलास्त्र स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली तांत्रिक स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की लांगूल शक्ति यानी उनकी पूँछ से जुड़ी दिव्य शक्ति को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से रक्षा, शत्रुनाश, तांत्रिक बाधाओं से मुक्ति और आत्मबल वृद्धि के लिए पढ़ा जाता है। Hanuman Langulastra Stotraश्री हनुमान् लांगूलास्त्र स्तोत्र   हनुमन्नञ्जनीसूनो महाबलपराक्रम ।लोलल्लाङ्गूलपातेन ममारातीन्निपातय ॥…

  • Rahu Stotra

    राहु स्तोत्र राहु स्तोत्र भगवान राहु की स्तुति करता है। इसमें उनके स्वरूप, गुण, और शक्ति का वर्णन होता है और उनसे जीवन के संकट, रोग, शत्रु, भय आदि से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। यह स्तोत्र वैदिक और तांत्रिक परंपराओं दोनों में महत्वपूर्ण माना जाता है। || राहु स्तोत्र || राहुर्दानव मन्त्री च…

  • Ram Raksha Stotra

    राम रक्षा स्तोत्र राम रक्षा स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और लोकप्रिय संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान श्रीराम की कृपा और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुजन द्वारा पढ़ा जाता है। इसका अर्थ ही है “राम की रक्षा देने वाला स्तोत्र”। इसका रचनाकर्ता बुद्ध कौशिक ऋषि को माना जाता है। यह स्तोत्र भगवान श्रीराम के विभिन्न…

  • कृष्ण

    मोहिनी कृतं कृष्ण स्तोत्रम् – Mohini Krit Krishna Stotra

    Mohini Krit Krishna Stotram (मोहिनी कृतं कृष्ण स्तोत्रम्), जिसे Mohini Rachitha Krishna Stotram भी कहा जाता है, एक दुर्लभ स्तोत्र है जिसे मोहि‍नी, यानी विष्णु की मोहिनी अवतार द्वारा रचित माना जाता है । Mohini Krit Krishna Stotraमोहिनी कृतं कृष्ण स्तोत्रम् श्रीकृष्णस्तोत्रं मोहिनीरचितम् श्री गणेशाय नमः ।मोहिन्युवाच ।सर्वेन्द्रियाणां प्रवरं विष्णोरंशं च मानसम् ।तदेव कर्मणां बीजं…

  • Mritasanjeevani

    मृतसञ्जीवनी स्तोत्र – Mritasanjeevani Stotra

    मृतसञ्जीवनी स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित एक पौराणिक कवच (मंत्रतंत्र) है। इसका रचना महान ऋषि वशिष्ठ द्वारा की गई मानी जाती है । नाम का अर्थ है “जिसमें मृत्युदण्ड से पुनर्जीवन (संजीवन) की क्षमता हो”,यानि यह स्तोत्र अकाल मृत्यु, रोग और संकटों से रक्षा करने का दिव्य कवच प्रदान करता है Mritasanjeevani Stotraमृतसञ्जीवनी स्तोत्र एवमाराध्य…