Category: Stotram

  • Matangi Hridaya Stotra

    Matangi Hridaya Stotra

    मतंगी हृदय स्तोत्र देवी मतंगी के हृदय स्वरूप की स्तुति है — यानी उनके मूल भाव, आंतरिक शक्तियों और तांत्रिक तत्वों का सार। यह स्तोत्र साधक को मतंगी देवी की आंतरिक शक्ति से जुड़ने का माध्यम बनता है। यह स्तोत्र अत्यंत प्रभावशाली है और आमतौर पर उच्च कोटि की तांत्रिक उपासना, वाणी-सिद्धि, कलात्मक सफलता, और…

  • Matangi Stotra

    मातङ्गी स्तोत्रम् – Matangi Stotra

    मतंगी स्तोत्र माँ मतंगी देवी की स्तुति में रचा गया एक पावन स्तोत्र है। मतंगी देवी दस महाविद्याओं में नौवीं हैं और उन्हें संगीत, कला, वाणी और तंत्र की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। यह स्तोत्र साधक को वाणी में प्रभाव, विद्वता, कला कौशल, और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। Matangi Stotraमातङ्गी स्तोत्रम् नमामि वरदां…

  • Matsya Stotram

    Matsya Stotram

    मत्स्य स्तोत्र भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की स्तुति में रचित एक पावन स्तोत्र है। मत्स्य अवतार, विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) में पहला अवतार है, जिसमें उन्होंने एक विशाल मछली (मत्स्य) का रूप लेकर प्रलय काल में वेदों की रक्षा की और मनु को नई सृष्टि का ज्ञान दिया। Matsya Stotramमत्स्यस्तोत्रम् श्रीगणेशाय नमः ।…

  • मंगल चण्डिका स्तोत्र

    मंगल चण्डिका स्तोत्र – Mangal Chandika Stotra

    मंगल चण्डिका स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो देवी चण्डिका (दुर्गा माता का उग्र और रक्षक स्वरूप) की स्तुति करता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से रक्षा, विजय, शक्ति और शत्रु नाश की कामना से पढ़ा जाता है। Mangal Chandika Stotraमंगल चण्डिका स्तोत्र या देवी सर्वभू‍तेषु शक्तिरूपेण संस्थिता |  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः…

  • Mangla Gauri Stotram

    मंगला गौरी स्तोत्र – Mangla Gauri Stotram

    मंगला गौरी स्तोत्र एक शक्तिशाली देवी स्तुति है जो विशेष रूप से देवी मंगला गौरी को समर्पित है। देवी मंगला गौरी माता पार्वती जी का ही मंगलमयी रूप हैं, जिन्हें सौभाग्य, समृद्धि, वैवाहिक सुख और सुख-शांति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। Mangla Gauri Stotramमंगला गौरी स्तोत्र हर्षमंगल दक्षे च हर्षमंगल दायिके। शुभेमंगल दक्षे च…

  • Mangal Grah Stotra

    मंगल ग्रह शांति स्तोत्र मंगल ग्रह शांति स्तोत्र एक विशेष वैदिक/पौराणिक स्तोत्र है जो मंगल ग्रह (Mars) के दोषों को शांत करने, जीवन में शांति, साहस, सफलता, वैवाहिक सुख और स्वास्थ्य प्राप्ति हेतु पाठ किया जाता है। इसे “मंगल स्तोत्र” या “मंगल ग्रह शांति मंत्र/स्तोत्र” भी कहा जाता है। ॥ ऋणमोचन मङ्गल स्तोत्र ॥ मङ्गलो…

  • Jai-Bhawani

    Bhavani Bhujang Prayat Stotram

    भवानी भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम् (Bhavani Bhujanga Prayata Stotram) एक अद्भुत स्तोत्र है जो देवी पार्वती के भवानी स्वरूप की स्तुति में रचा गया है। यह स्तोत्र संस्कृत में रचा गया है और इसमें भुजङ्ग प्रयात छन्द (भुजंग प्रायात छंद) का प्रयोग किया गया है, जो एक विशेष प्रकार की छंद संरचना है जिसमें लय और…

  • Bhakt Manorath Siddhiprad Stotra

    Bhakt Manorath Siddhiprad Stotra

    भक्त मनोरथ सिद्धिप्रद स्तोत्र एक श्रद्धा-प्रेरित स्तुति है जो भक्तों की इच्छाओं की पूर्ति और सिद्धियों की प्राप्ति हेतु भगवान की कृपा को आमंत्रित करने के लिए रचा गया है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन साधकों के लिए उपयुक्त है जो भक्तिभाव से अपने मनोरथ (इच्छाओं) की सिद्धि चाहते हैं, चाहे वह सांसारिक हो…

  • Saraswati Stotra

    Brahma Krit Saraswati Stotra

    ब्रह्मकृत सरस्वती स्तोत्र (Brahma Krit Saraswati Stotra) एक अत्यंत प्राचीन और श्रद्धेय स्तुति है, जिसे स्वयं भगवान ब्रह्मा ने माँ सरस्वती की स्तुति में रचा था। माँ सरस्वती को विद्या, वाणी, संगीत, कला और ज्ञान की देवी माना जाता है, और यह स्तोत्र उनके दिव्य गुणों का गुणगान करता है। इस स्तोत्र का पाठ विद्यार्थियों,…

  • Brahma Shakti Stotra

    ब्रह्म शक्ति स्तोत्र – Brahma Shakti Stotra

    ब्रह्म शक्ति स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो ब्रह्माण्डीय ऊर्जा, अर्थात ब्रह्म की शक्ति—जो सृजन, पालन और संहार की मूल चेतना है—की स्तुति करता है। यह स्तोत्र देवी या ब्रह्मशक्ति को समर्पित होता है जो सृष्टि की आदि शक्ति मानी जाती हैं। इसका पाठ व्यक्ति को मानसिक, आध्यात्मिक और आत्मिक स्तर पर शक्ति प्रदान…