Mindblown: a blog about philosophy.
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गोपाल विम्शति स्तोत्रम् – Gopal Vimshati Stotram
गोपाल विम्शति स्तोत्रम् श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत मधुर और भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप गोपाल का भावनात्मक और ललित वर्णन है। “विंशति” का अर्थ है “बीस”, अतः इस स्तोत्र में कुल 20 श्लोक होते हैं जो श्रीकृष्ण की लीलाओं, रूप, बालभाव, और माधुर्य का सुंदर चित्रण करते हैं। Gopal…
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Guru Stotram
गुरु स्तोत्रम् गुरु स्तोत्रम् एक संस्कृत स्तुति है जो गुरु की महिमा और उनके ज्ञानदायित्व का सुंदर वर्णन करती है। यह स्तोत्र पारंपरिक रूप से गुरु पूजा या विद्या आरंभ से पूर्व पढ़ा जाता है, और यह हमें यह स्मरण कराता है कि गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं – ज्ञान, पालन…
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Ganesh Mahima Stotra
श्री गणेशमहिम्न: स्तोत्र” भगवान गणेश की महिमा का वर्णन करने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली और श्रद्धा से परिपूर्ण संस्कृत स्तोत्र है। यह स्तोत्र उनके दिव्य स्वरूप, गुण, शक्तियों और भक्तों पर उनकी कृपा को विस्तार से प्रस्तुत करता है। इसका पाठ श्रद्धापूर्वक करने से व्यक्ति के जीवन में विघ्न दूर होते हैं, सुख-समृद्धि आती है…
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गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र – Gajendra Moksha Stotra
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र (Gajendra Moksha Stotra) एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र स्तोत्र है जो श्रीमद्भागवत पुराण (8वें स्कंध, अध्याय 3-4) में वर्णित है। यह स्तोत्र गजेन्द्र (हाथी राजा) द्वारा संकट की घड़ी में भगवान विष्णु से की गई प्रार्थना है, जिसके फलस्वरूप भगवान ने प्रकट होकर उसकी रक्षा की और उसे मोक्ष प्रदान किया। Gajendra…
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माँ गंगा स्तोत्रम् – Ganga Dashara Stotram
माँ गंगा स्तोत्रम् (Maa Ganga Stotram) एक अत्यंत पवित्र और भावमय स्तुति है जो माँ गंगा को समर्पित है। इसे पढ़ने और सुनने से पापों का नाश, मन की शुद्धि, और मोक्ष की प्राप्ति होती जाती है। Ganga Dashara Stotramमाँ गंगा स्तोत्रम् देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गेत्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे ।शङ्करमौलिविहारिणि विमलेमम मतिरास्तां तव पदकमले ॥१॥ भागीरथि सुखदायिनि…
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श्री देव्यापराध क्षमापन स्तोत्रम् – Kshama Stotram
श्री देव्यापराध क्षमापन स्तोत्रम् (Shri Devyaparadha Kshamapana Stotram) एक अत्यंत करुणामय स्तोत्र है, जिसे आदि शंकराचार्य ने रचा है। इसमें एक भक्त द्वारा माँ दुर्गा से अपने अपराधों के लिए क्षमा माँगी है। Kshama Stotramश्री देव्यापराध क्षमापन स्तोत्रम् न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहोन चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथा: ।न…
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केतु स्तोत्रम् – Ketu Stotram
केतु स्तोत्रम् (Ketu Stotram) एक वैदिक/पौराणिक स्तोत्र है जो ग्रह केतु की स्तुति और शांति के लिए पढ़ा जाता है। केतु नवग्रहों में से एक हैं और उन्हें रहस्यमय, आध्यात्मिक, मोक्षदायी और अचानक घटनाओं के कारक माना जाता है। Ketu Stotramकेतुस्तोत्रम् अथ केतुस्तोत्रप्रारम्भः ।ॐ अस्य श्रीकेतुस्तोत्रमहामन्त्रस्य वामदेव ॠषिः ।अनुष्टुप्छन्दः । केतुर्देवता ।केतुप्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।गौतम…
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कमला स्तोत्रम् – Kamala Stotram
कमलास्तोत्रम् (Kamala Stotram) एक पावन स्तोत्र है जो माँ कमला की स्तुति करता है। माँ कमला, महालक्ष्मी का ही एक रूप हैं, और उन्हें दशमहाविद्याओं में भी स्थान प्राप्त है। यह स्तोत्र धन, सौभाग्य, समृद्धि, और अभय की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। Kamala Stotramकमलास्तोत्रम् ओंकाररूपिणी देवी विशुद्ध-सत्व-रूपिणी।देवानां जननी त्वं हि प्रसन्ना…
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कूर्म स्तोत्रम् – Kurma Stotram
कूर्म स्तोत्रम् (Kurma Stotram) एक पवित्र स्तुति है जो भगवान कूर्म अवतार (कछुए के रूप में श्रीहरि विष्णु के अवतार) को समर्पित है। यह स्तोत्र भगवान विष्णु के उस रूप की स्तुति करता है जब उन्होंने समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को अपने पीठ पर धारण किया था। Kurma Stotramकूर्म स्तोत्रम् मुनिभिः कृतं कूर्मस्तोत्रम्…
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काशी पञ्चकर्म स्तोत्र – Kashi Panchkarma Stotra
काशी पंचकर्म स्तोत्र (Kashi Panchkarma Stotra) एक शिव स्तुति है जो श्री काशी विश्वनाथ (काशी के अधिपति भगवान शिव) की महिमा, काशी की दिव्यता, और पंच प्रमुख कर्मों की महत्ता का वर्णन करती है।यह स्तोत्र साधक को काशी में किए जाने वाले पाँच महान कर्मों की ओर प्रेरित करता है, जो आध्यात्मिक मुक्ति के मार्ग…
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