Mindblown: a blog about philosophy.

  • Ashtalakshmi Stotram

    Ashtalakshmi Stotram – अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम्

    Ashtalakshmi Stotramअष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् आदिलक्ष्मिसुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहॊदरि हेममयेमुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुल भाषिणि वेदनुते ।पङ्कजवासिनि देव सुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुतेजय जयहे मधुसूदन कामिनि, आदिलक्ष्मि परिपालय माम् ॥ 1 ॥ धान्यलक्ष्मिअयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनि, वैदिक रूपिणि वेदमयेक्षीर समुद्भव मङ्गल रूपिणि, मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते ।मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि, देवगणाश्रित पादयुतेजय जयहे मधुसूदन कामिनि, धान्यलक्ष्मि सदापालय माम् [परिपालय माम्]…

  • Shiv Sahastra Naam

    Shiv Sahastra Naam Stotram

    “शिव सहस्रनाम” भगवान शिव के एक हजार पवित्र नामों की आराधना है, जिसके नियमित पाठ से उपासकों को आंतरिक शांति, कल्याण और सुरक्षा का अनुभव होता है। इसे घर पर शांत चित्त से भगवान शिव का स्मरण करते हुए किया जा सकता है, जिसके लिए किसी विशेष कर्मकांड की आवश्यकता नहीं है। भगवान शिव में…

  • Venkateswara Swamy

    Venkateswara Swamy Stotram

    Venkateswara Swamy Stotramश्रीवेङ्कटेशस्तोत्रम् कमलाकुचचूचुक कुङ्कुमतो नियतारुणितातुलनीलतनो ।कमलायतलोचन लोकपते विजयी भव वेङ्कटशैलपते ॥ १॥ सचतुर्मुखषण्मुखपंचमुखप्रमुखाखिलदैवतमौलिमणे ।शरणागतवत्सल सारनिधे परिपालय मां वृषशैलपते ॥ २॥ अतिवेलतया तव दुर्विषहै रनुवेलकृतैरपराधशतै।भरितं त्वरितं वृषशैलपते परया कृपया परिपाहि हरे ॥ ३॥ अधिवेङ्कटशैलमुदारमतेजनताभिमताधिकदानरतात् ।परदेवतया गदितान्निगमैः कमलादयितान्न परं कलये ॥ ४॥ कलवेणुरवावशगोपवधू शतकोटिवृतात्स्मरकोटिसमात् ।प्रतिवल्लविकाभिमतात्सुखदात् वसुदेवसुतान्न परं कलये ॥ ५॥ अभिरामगुणाकर दाशरथे जगदेकधनुर्धर धीरमते ।रघुनायक राम…

  • Shivashtakam Stotram

     शिवाष्टक स्तोत्र  – Shivashtakam Stotram

    Shivashtakam Stotram शिवाष्टक स्तोत्र  जय शिव शंकर, जय गंगाधर, करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशि सुखसार हरे ।। जय शशि शेखर, जय डमरूधर, जय जय प्रेमागर हरे। जय त्रिपुरारी, जय मदहारी, अमित, अनन्त, अपार हरे।। निर्गुण जय जय, सगुण अनामय, निराकार साकार हरे। पारवती पति हर हर शम्भो, पाहि पाहि दातार हरे ।। जय…

  • अपराजिता स्तोत्रम् – Aparajita Stotram

    अपराजिता स्तोत्रम् – Aparajita Stotram

    अपराजितास्तोत्रम् ॐ नमोऽपराजितायै । ॐ अस्या वैष्णव्याः पराया अजिताया महाविद्यायाः वामदेव-बृहस्पति-मार्कण्डेया ऋषयः ।गायत्र्युष्णिगनुष्टुब्बृहती छन्दांसि ।लक्ष्मीनृसिंहो देवता ।ॐ क्लीं श्रीं ह्रीं बीजम् ।हुं शक्तिः ।सकलकामनासिद्ध्यर्थं अपराजितविद्यामन्त्रपाठे विनियोगः ।ॐ नीलोत्पलदलश्यामां भुजङ्गाभरणान्विताम् ।शुद्धस्फटिकसङ्काशां चन्द्रकोटिनिभाननाम् ॥ शङ्खचक्रधरां देवी वैष्ण्वीमपराजिताम्बालेन्दुशेखरां देवीं वरदाभयदायिनीम् ॥ नमस्कृत्य पपाठैनां मार्कण्डेयो महातपाः ॥ मार्कण्डेय उवाच –श‍ृणुष्वं मुनयः सर्वे सर्वकामार्थसिद्धिदाम् ।असिद्धसाधनीं देवीं वैष्णवीमपराजिताम् ॥ ॐ नमो…

  • एकादशी व्रत

    एकादशी व्रत 2025 – तिथि, कथा, नियम और लाभ

    एकादशी व्रत 2025 एकादशी व्रत हर 15 दिनों में आती है और हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह चंद्र मास के 11वें दिन (अमावस्या या पूर्णिमा से पहले) पड़ती है। इसे “शुक्ल पक्ष” और “कृष्ण पक्ष” की एकादशी के रूप में मनाया जाता है। शुक्ल पक्ष की एकादशी चांद बढ़ने के समय और कृष्ण पक्ष की…

  • Santan Gopal Stotra

    Santan Gopal Stotra

    संतान गोपाल स्तोत्र एक विशेष स्तोत्र है, जो विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दम्पत्तियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इसे भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा के रूप में माना जाता है, जो संतान सुख की प्राप्ति के लिए मंत्रित किया जाता है। इस स्तोत्र का पाठ…

  • Laxmi Stotram

    Laxmi Stotram

    महालक्ष्मी स्तोत्र नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी सर्वदुष्टभयंकरि। सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि। योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे। महापापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणी। परमेशि…

  • Mahakal Stotram

    Mahakal Stotram – महाकाल स्तोत्रं

    महाकाल स्तोत्रम् भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली और रौद्र (भयंकर) रूप ‘महाकाल’ को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र (भजन या मंत्रों का समूह) है। ‘महाकाल’ का अर्थ है ‘काल के भी काल’, यानी समय और मृत्यु पर नियंत्रण रखने वाले देव। यह स्तोत्र भगवान शिव की अजेय और सर्वशक्तिमान रूप की महिमा का गुणगान है। Mahakal…

  • Ganesh Stotram

    Ganesh Stotram in Hindi Lyrics

    गणेश स्तोत्र प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥॥प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम् ।तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम् ॥॥ लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च ।सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥॥नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन् ॥॥ द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः ।न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ॥॥विद्यार्थी…

Got any book recommendations?